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Showing posts from June, 2018

मसान : जिवन आणि मृत्यू दरम्यान चा प्रवास

"What is life: a delicate balance of the five elements, What is death: a slight disturbance of this equilibrium." सगळ्यात अगोदर मसान हा सिनेमा नसुन एक प्रवास आहे. जात, संस्कृती, रिती रिवाज, जीवन, मृत्यू, आशा आणि वेदना यांच्या संबंधीत गुंतागुंत आणि सत्य शोधणार्या निरागस हृदयांचा प्रवास. मसान चा अर्थ स्मशान असा होतो. देवी (Richa chadda) आणि दिपक (Vicky Kaushal) यांच्या स्वप्नांना जाळणारं ठिकाण. मसान या जळणार्या स्वप्नांच्या मागच्या भेसुर वेदने बद्दल भाष्य करतो. कुठलाही शोक न करता, न रडता, न ओरडता शरीरातला आत्मा काढुन त्याला जाळण्याचा प्रकार म्हणजेच मसान. हा एक शांत प्रवास आहे. ढिगभर स्वप्नांच्या आणि अपेक्षांच्या मागे लागुन देवी आणि दिपक जीवनाचा खरा अर्थ शोधतात. शेवटच्या दृष्यात ते दोघे ही एकाच नावेतुन प्रवास करतात. भोगलेल्या दु:खांना आणि वेदनेला विसरून एकमेकांशी अशा प्रकारे बोलतात जणु आपल्या जिवंत असण्याचा ते पुरावाच देतात. आपण वेदना, विरह आणि मृत्यू यांना सामोरे जातो. खुप वेळा जिवनात विरह येतो पण त्याने आपलं जीवन थांबत नाही, कारण त्याच वेळी जिवनाला एक नवीन बदल अपेक...

The Spectacles

IT HAPPENED TO ME ALL THE TIME......... THIS IS ME. I WEAR GLASSES. I AM WITH MY FRIENDS. SUDDENLY I REMOVE MY GLASSES FOR A RANDOM REASON. ALL MY FRIENDS STARTS STARING AT ME. AND THERE IS ALWAYS THIS ONE PERSON WHO COMES UP AND ASKS, "Ee bataanaa ye kitna hai...bataanaa...e bataanaa re  kuch bataanaa..bol na...dikhra hai kya kuchh...bol na..." TO SHUT HIS MOUTH, I SAY"2". NOW ALL ARE SURPRISED. SO THEY ARE LIKE...... Eeeee.....AcAcha ye bata.... na...nahi ye bata...ab ye bataa...ye ye bataa..... AND THEY SUDDEN CHANGE IN NUMBER OF FINGERS " Are 2 nahi 3 hai dekh dhyaan se andhe". I WEAR MY GLASSES BACK QUICKLY, BECAUSE I AM TIRED EXPLAINING THEM I AM NOT BLIND. I AM BACK TO THIS,  I almost wasted half of my life explaining its just blur when I take off my specs and not to dark or blank. ........ ASHOK KADAM.

Facts india should know

A few things every indian should know the difference... 1) These are things to use and play. And these are women. You know the difference. _____________________________________________ ------------------------------------------------------------------- 2) This is a professional chef And this is your wife You know the difference. _____________________________________________ ------------------------------------------------------------------- 3) This is an animal you can tie to peg. And this is your wife. You know the difference. _____________________________________________ ------------------------------------------------------------------- 4) This is a professionally judge. These are not judges. You know the difference. _____________________________________________ ------------------------------------------------------------------- 3) This is a poor worker. And this is the thing you can't touch. You ...

तमाशा

ज्यांना तमाशा मुव्ही समजला नाही त्यांच्यासाठी...  आणि ज्यांना आवडतो त्यांच्यासाठी.... फ़िर क्या हुआ होना क्या है... वही कहानी फ़िर एक बार... मजनू ने लिये कपडे फाड... मार तमाशा बीच बाजार.... रुक्के सोचा ऐसा क्यू? ऐसा वैसा जैसा तैसा... पैसा... पैसा... पैसा ना होता तो कैसा होता... सोचो! अरे छोडो बोरिंग बाते सारी... मस्त रहो, जम के खाओ... ले लो पंगे, छडलो सुली... फाड लो कपडे, तोड दो बंधन... खोलदो रस्सी... बोलदो किस्सा... सभी जनो का दिल बेह लाओ शोर माचाओ.. मारो ठुमका... फेक् बिखेरो, मन कि चांदी... दिल का सोना आंख का मोती सब अर्पित है, आपकी खातीर मै नौकर हूं आपका मालिक टाई पेहेन के लिफ्ट में चढ़कर फ़िर आ उंगा... आपके आंगान वही करुंगा... जो रोज किया है वो फिरसे करुंगा फिरसे करुंगा फिरसे करुंगा.. अच्चा बेटा कभी इधर तो कभी उधर... अंदर क्या है... अंदर क्या है... तारा... तारा.... कोनसा तारा? किस मंजिल का? क्या चक्कर है? कहा चला है दिल का रस्ता... बिन कदमो के! दूर खडी है सपनो कि मलीका... होती रेत है.. लगता पानी... उसके लिये में पापड ...